Tuesday, August 26, 2008

25 अगस्त - उत्तराखंड की सैर करेंगे टूर आपरेटर्स

प्रदेश में आगामी दिसंबर माह में देश-विदेश के एडवेंचर टूर आपरेटर जुटेंगे। हिमालयी रेंज में दिलचस्पी रखने वाले आपरेटर एक दिनी मार्ट में भाग लेंगे और उत्तराखंड के भीतर नई रेंज की सैर भी करेंगे। पर्यटन मंत्रालय तमाम टूर आपरेटर्स को आमंत्रित कर ट्रेवल मार्ट में सूबे की छवि निखारना चाहता है। उत्तराखंड के पर्यटन प्रोडक्ट का प्रचार प्राइवेट टूर आपरेटर्स करेंगे। दरअसल, देश-विदेश में आयोजित होने वाले ट्रेवल मार्ट में पर्यटन से जुड़े महकमों का प्रदर्शन प्राइवेट आपरेटर्स की तुलना में पिछड़ा रहा है। आपरेटर्स पैकेज टूर के जरिए देशी-विदेशी पर्यटकों को हिमालय की ओर बखूबी खींच रहे हैं। साथ ही विभिन्न हिमालयी राज्यों में काम करने का उनका अनुभव उत्तराखंड के सुंदर और रोमांच से भरपूर ट्रेकों पर पर्यटकों को खींच सकता है। राज्य के कई बेहतरीन पर्यटक स्थल अभी पर्यटन मानचित्र पर स्थान नहीं बना पाए हैं। पयर्टन मंत्री प्रकाश पंत ने बताया कि एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा देने को प्राइवेट टूर आपरेटर्स मार्ट दिसंबर में दून में आयोजित किया जाएगा। आपरेटर्स की तादाद और उनकी रुचि जानने के बाद एक दिनी मार्ट को दो-तीन दिन तक बढ़ाया जा सकता है। मार्ट में भाग लेने वाले आपरेटरों को परिचयात्मक भ्रमण कार्यक्रम के तहत सूबे के कई स्थानों की सैर कराई जाएगी। हिमालयी रेंज के प्रति आकर्षण रखने वाले विदेशी टूर आपरेटर्स को भी मार्ट में बुलाया जाएगा। गढ़वाल मंडल में आपरेटर्स को सैर कराने की जिम्मेदारी जीएमवीएन व कुमाऊं मंडल में यह जिम्मेदारी केएमवीएन को दी गई है। उन्होंने कहा कि पर्यटन स्थलों व ट्रेक रूट्स का नियोजित ढंग से प्रचार-प्रसार किया जाएगा।

25 अगस्त - पहाड़ के सफर पर हाईटेक पहरा

देहरादून: अगर परिवहन विभाग की योजना रंग लाई तो भविष्य में चार धाम यात्रा में आने वालों के परिजनों को अपनों की फिक्र नहीं करनी होगी। वह घर बैठे-बैठे ही वे उनकी खैर खबर ले सकेंगे। परिवहन विभाग पहाड़ी रूटों पर चलने वाली बसों में जीपीआरएस और जीएसएम सिस्टम लगाने की योजना बना रहा है, जिससे इन वाहनों की लोकेशन मिलने के साथ ही दुर्घटना की सूरत में त्वरित मदद भी दी जा सकेगी। इसके लिए विभाग की कई नामी मोबाइल कंपनियों से बातचीत चल रही है। इस बार यात्रा सीजन के आखिरी दिनों में लगातार हुई दुर्घटनाओं ने शासन, प्रशासन और परिवहन विभाग के लिए काफी मुश्किलें खड़ी कर दीं। कई जगह तो दुर्घटनाओं की सूचनाएं भी विभाग को काफी विलंब से मिली। इसको देखते हुए विभाग ने हाईटेक तरीके से निपटने के लिए योजना तैयार की है। इसके तहत यात्रा में आने वाली गाडि़यों के साथ ही यात्रियों का भी रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। यात्रा मार्ग पर जाने वाली बसों में जीपीआरएस (जनरल पाकेट रेडियो सर्विस) और जीएसएम (ग्लोबल सिस्टम फार मोबाइल कम्यूनिकेशन) सिस्टम लगाया जाएगा। इससे न केवल बसों की लोकेशन के बारे में जानकारी मिल सकेगी।। विभाग प्रत्येक बस में ड्राइवर व कंडक्टर के पास इन्हीं दो सुविधाओं से युक्त मोबाइल फोन भी रहेगा। इससे न केवल वह परिवहन अधिकारी बल्कि अपने कार्यालय से भी जुड़े रहेंगे। मोबाइल फोन के नंबर बसों के बाहर लिखे रहेंगे, जो यात्री अपने परिजनों को दे सकते हैं और यात्रियों के परिजन इन नंबरों पर फोन कर अपनों से दूर रहकर भी करीब रह सकते हैं। बस चालक भी कंपनी और विभाग को गुमराह नहीं कर पाएंगे, क्योंकि इस सिस्टम से गाड़ी कहां और कितनी देर खड़ी है, इस संबंध में सारी जानकारी मिल जाएगी। परिवहन आयुक्त एस रामास्वामी का कहना है कि इससे न केवल बसों पर नजर रखी जा सकेगी, बल्कि आपदा की सूरत में त्वरित मदद भी दिलाई जा सकेगी।
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Friday, August 22, 2008

22 अगस्त - अस्पताल में धूम्रपान पर प्रतिबंध

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डा. रमेश पोखरियाल निशंक ने अस्पताल परिसर से 100 मीटर की परिधि में बीड़ी, सिगरेट व तंबाकू की बिक्री रोकने के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान श्री निशंक ने कहा कि सिगरेट-तंबाकू उत्पाद व व्यापार निषेध अधिनियम-2003 में निहित संदेश को आम जनता तक पहुंचाने के लिए समुचित प्रचार किया जाना चाहिए। इसके अलावा उन्होंने सभी तरह के स्वास्थ्य दिवसों पर जन स्वास्थ्य से संबंधित सरकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार विभिन्न माध्यमों के जरिये करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने महानिदेशक निर्देश दिए कि ब्लाक स्तर पर स्वास्थ्य शिविरों का किया जाए। डा. निशंक ने अपर निदेशक (प्रशासन) को जिलों का भ्रमण कर मुख्य चिकित्सा अधिकारियों के साथ कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा करने, लापरवाह कार्मिकों की नकेल कसने और श्रेष्ठ कार्मिकों के उत्साहव‌र्द्धन के भी निर्देश दिए। बैठक में महानिदेशक डा. पीएल जोशी, अपर निदेशक (प्रशासन) डा. एचसीसी भट्ट, उप सचिव (स्वास्थ्य) वीआर टम्टा, राज्य क्षय नियंत्रण अधिकारी डा. एपी मंमगाईं, राज्य प्रतिरक्षा अधिकारी डा. सुषमा दत्ता, संयुक्त निदेशक डा. मीनाक्षी उनियाल आदि उपस्थित थे।
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देहरादून परेड ग्राउन्ड क्रीडा एवं मनोरंजन केन्द्र बनेगा : मु०मं०

मुख्यमंत्री मेजर जनरल (से.नि.) भुवन चन्द्र खण्डूडी ने परेड ग्राउण्ड को क्रीडा एवं मनोरंजन केन्द्र के रूप में सुव्यवस्थित तरीके से विकसित करते हुए इसके लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने पर बल दिया हैं। उन्होंने कहा कि परेड ग्राउण्ड में खेल कूद, सामाजिक व सांस्कृतिक गतिविधियों तथा विभिन्न संगठनों द्वारा आयोजित किये जाने के लिए रैलियों के दृष्टिगत आम लोगों की भावनाओं और आवश्यकताओं का ध्यान रखा जाय।
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Thursday, August 21, 2008

BJP Uttarakhand rebels to revive anti-CM stir after local polls

NEW DELHI: Unfazed by the BJP leadership ruling out change of leadership in Uttarakhand, party rebels opposed to Chief Minister B.C. Khanduri on Monday said they have decided to lie low till the on-going Panchayat elections get over in September. "The crisis is not yet over. We have not given up our demand for change of guard in Uttarakhand. But keeping in mind the Panchayat elections-- results of which will be declared on September 13-- we have decided not to press the matter further," one of the rebel ministers in Khanduri's cabinet said on condition of anonymity. The nominations for the panchayat polls are on in Uttarakhand. Polling will be held in the hill state on September 5, 7 and 10. Results will be declared on September 13. "There is no question of going back on our stand for removal of Khanduri. He has not been able to win over even one minister to his side. After the Panchayat results are out, we hope the central leadership will replace Khanduri without any pressure from us," said one of the rebel MLAs. BJP spokesperson Rajiv Pratap Rudy, however, said the issue has been taken care of. "There are no plans for a change in leadership. The grievances of the MLAs have been heard at highest level and their points would be taken care of," he told reporters.

Source: http://timesofindia.indiatimes.com/India/BJP_Uttarakhand_rebels_to_revive_anti-CM_stir_after_local_polls/articleshow/3353307.cms

Uttarakhand sets up committee on Sixth Pay Commission

The Uttarakhand government today decided to set up a two-member committee on revision of wages of state government employees on the lines of Sixth Pay Commission recommendations.
The decision came at a cabinet meeting presided over by Chief Minister B C Khanduri, top officials said.
The two-member committee is headed by former union petroleum and natural gas secretary Sushil Kumar Tripathi. State Finance Secretary Radha Raturi is the other member. The committee would submit its report within six months.
At present, the state government has a strength of 1.6 lakh employees even as a total of 65,000 jobs are lying vacant.
The state employees are hoping that they would get a hike of 25 percent.
The main challenge before the state would be to generate its new sources of income so that it may not feel the pinch of the pay commission recommendations, official sources said.
Source: http://www.outlookindia.com/pti_news.asp?id=601432

21 अगस्त – अब डाकिया घर लाएगा डोमिसाइल

जनाधार सेवा के अंतर्गत बनने वाले प्रमाण पत्रों में अब आवेदकों को एफिडेविट बनाने के लिए वकीलों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। जिला प्रशासन ने प्रमाण पत्र व दस्तावेज बनाने की प्रक्रिया को हाइटेक कर दिया है। अब आवेदकों फोटो व अपने सिग्नेचर युक्त प्रमाण पत्र मिलेंगे। विद्यार्थियों पर प्रशासन ने उदार दृष्टि दिखाते हुए इंटर कालेजों में ही मोबाइल वेन के जरिए प्रमाण पत्र बनाने का निर्णय लिया है। हालांकि इस सुविधा के लिए आवेदक को पहले के मुकाबले थोड़ी अधिक कीमत चुकानी पड़ेगी। इसके लिए उन्हें अब बीस की जगह पचास रुपए देने होंगे। जिला प्रशासन ने बीते वर्ष कलेक्ट्रेट परिसर में जनाधार सेवा शुरू कर थी। शुरुआत में तो सब ठीक चला मगर धीरे-धीरे लोगों ने आने में आलस कर विभिन्न माध्यमों से प्रमाण पत्र बनवाने शुरू कर दिए। जिसके चलते कुछ लोगों ने फर्जी प्रमाण पत्रों का धंधा भी शुरू कर दिया। यही कारण रहा कि चुनाव में भी लोग इन प्रमाण पत्रों का सहारा लेने लगे। प्रमाण पत्रों में फर्जीवाड़े को देखते हुए अब जिला प्रशासन ने जीनाधार सेवा केंद्र को और ज्यादा हाईटेक कर दिया है। अब प्रमाण पत्र बनाने के इच्छुक अभ्यर्थी को जनाधार केंद्र आना अनिवार्य होगा। यहां वेब कैम से आवेदक का फोटो खिंचा जाएगा। इसके बाद डिजिटल पेड में उसके सिग्नेचर लिए जाएंगे। इससे प्रमाण पत्र बनने की प्रक्रिया शुरू होते ही उसमें प्रशिक्षार्थी का फोटो आ जाएगा। जिससे की इसमें फर्जीवाड़े की कोई गुंजाइश नहीं बचेगी। इतना ही नहीं इन आवेदकों के प्रमाण पत्र भी स्पीड पोस्ट के जरिए उनके घर भेजे जाएंगे। स्कूलों के प्रशासन ने विशेष व्यवस्था की है। इंटर कालेजों में मोबाइल वेन भेजकर प्रमाण पत्र और अन्य जरुरी दस्तावेज बनाए जाएंगे। मोबाइल वेन की जानकारी कालेज को पहले ही दे दी जाएगी। जिलाधिकारी डा. राकेश कुमार ने बताया कि जनाधार केंद्र और अधिक जनोपयोगी और सुदूर क्षेत्रों के अभ्यर्थियों की परेशानियों को देखते हुए प्रशासन ने यह कदम उठाया है।
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Wednesday, August 20, 2008

20 अगस्त - आवेदन के दो माह के भीतर गैस कनेक्शन

चुनाव करीब आते देख केंद्र सरकार ने रसोई गैस की किल्लत दूर करने को लेकर अपनी पहल और तेज कर दी है। मंगलवार को रसोई गैस कनेक्शन देने वाली देश की तीनों प्रमुख सरकारी तेल कंपनियों को यह निर्देश दिया गया कि ग्राहकों से आवेदन मिलने के 60 दिनों के भीतर उन्हें गैस के नए कनेक्शन देने की व्यवस्था की जाए। इसके साथ ही तेल कंपनियों को दूर-दराज के क्षेत्रों में रसोई गैस के वितरण केंद्र खोलने की प्रक्रिया भी तेज करने को कहा गया है। सरकारी क्षेत्र के तेल कंपनियों के प्रमुखों के साथ पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मंत्री मुरली देवड़ा और मंत्रालय के आला अधिकारियों के साथ एक बैठक में यह निर्देश दिया गया। पेट्रोलियम सचिव आर.एस. पांडे ने बताया कि आगामी त्यौहारी सीजन को देखते हुए पेट्रोलियम उत्पादों की मार्केटिंग करने वाली कंपनियों को कहा गया है कि वे हर हालत में सभी उत्पादों की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करें। तेल कंपनियां इस दौरान अपना वितरण नेटवर्क भी मजबूत करेंगी। उन इलाकों में वितरण नेटवर्क स्थापित करेंगी जहां अभी तक इनकी पहुंच नहीं है। पांडे ने कहा कि जल्द ही देश भर में रसोई गैस की आपूर्ति फिर से ऑन डिमांड होने लगेगी।
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20 अगस्त - छह जगह स्थापित किए जाएंगे वायरलेस सेट

पंचायत चुनाव के दौरान संचार व्यवस्था दुरूस्त रखने के लिए उन क्षेत्रों का चिह्नीकरण किया जा रहा है, जहां मोबाइल सेट काम नहीं कर रहे हैं। ऐसे कम से कम छह स्थानों पर वायरलेस सेट स्थापित किए जाएंगे। चुनावी व्यवस्थाओं को लेकर कलक्ट्रेट परिसर में मंगलवार शाम हुई बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अमित कुमार सिन्हा ने उक्त जानकारी दी। उन्होंने बैठक में मौजूद एसपी ग्रामीण करण सिंह नग्नयाल को निर्देश दिए कि शांतिपूर्ण निर्वाचन के लिए छह जगह बैरियर लगाए जाएं। साथ ही वाहनों की आवश्यकता के संबंध में अवगत कराने को कहा। बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी/ मुख्य विकास अधिकारी केके निराला ने एसडीएम कालसी व चकराता को निर्देश दिए कि संबंधित थानाध्यक्षों के साथ बैठक कर संवेदनशील व अतिसंवेदनशील केंद्रों का पुन: चिहनीकरण किया जाए। साथ ही सभी एसडीएम को निर्देशित किया कि कहीं भी आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायतों पर तुरंत सूचना दी जाए, ताकि कार्रवाई अमल में लाई जा सके। श्री निराला ने यह भी बताया कि पंचायत चुनाव के मद्देनजर दो कंट्रोल रूम स्थापित किए जाएंगे। बैठक में डीपीआरओ मो.मुस्तफा खान, आरटीओ एके सिंह आदि मौजूद थे।
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तारकेन्द्र वैण्णव बने सचिव मुख्यमंत्री

शासन द्वारा श्री तारकेन्द्र वैष्णव को सचिव, मुख्यमंत्री के पद पर तैनात किया है। यह जानकारी देते हुए प्रमुख सचिव कार्मिक सुभाष कुमार ने बताया कि जनहित में श्री वैष्णव को सचिव उत्तराखण्ड सूचना आयोग के पद से स्थानान्तरित कर सचिव, मुख्यमंत्री बनाया गया है। कार्मिक विभाग द्वारा जारी एक अन्य आदेश में प्रतीक्षारत पी.सी.एस. अधिकारी युगल किशोर पंत को सचिव, साडा (विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण) देहरादून के पद पर तैनात किया गया है और अभी तक इस पद पर तैनात श्री उमेश चन्द्र कबडवाल को इस पद से कार्यमुक्त कर दिया गया है। वे अपर जिलाधिकारी देहरादून और सचिव मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण के पद पर बने रहेंगे।
उ० सूचना व लोक सम्पर्क वि० - 19/08/2008 [प्रादेशिक समाचार]
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Saturday, August 9, 2008

09 अगस्त - डा. बिष्ट पंतनगर विवि के नए कुलपति

प्रख्यात शिक्षाविद डा. बीएस बिष्ट गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्र्वविद्यालय पंतनगर के कुलपति नियुक्त किए गए हैं। डा. बिष्ट ने कहा कि विवि में शैक्षिक उत्कृष्टता के लिए प्रभावी उपायों के साथ ही पर्वतीय महिलाओं, किसानों व बेरोजगारों को प्रौद्योगिकी के जरिए रोजगार से जोड़ना उनकी प्राथमिकता में है। राज्यपाल व कुलाधिपति ने विवि के कुलपति पद के लिए शिक्षाविद व कृषि वैज्ञानिक डा. बीएस बिष्ट के नाम पर मुहर लगा दी। डा. बिष्ट ने आईआईएम अहमदाबाद से प्रबंधन में स्नातक व आईआईटी खडगपुर से पीएचडी उपाधि हासिल की थी।
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08 अगस्त - दो बिजली परियोजनाओं पर उत्तराखण्ड और हिमाचल सहमत

हिमाचल तथा उत्तराखंड के बीच वर्षो से उलझी दो परियोजनाओं पर लगभग सहमति बन गई है। इससे विवाद में फंसी करीब 720 मेगावाट क्षमता की दो परियोजनाओं पर काम शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है। करीब छह दशक पहले टांस नदी पर 600 मेगावाट की किसाऊ परियोजना की परिकल्पना की गई थी। किसाऊ बांध बनाने की दिशा में एक कदम कभी आगे नहीं बढ़ाया जा सका। उत्तराखंड बनने के बाद भी इस परियोजना को लेकर हिमाचल से कई बार बात हुई पर राज्य को कभी जवाब नहीं मिला। पिछले दिनों हिमाचल प्रदेश के प्रमुख सचिव (ऊर्जा) इस परियोजना पर बातचीत के लिए उत्तराखंड पहुंचे। बातचीत हुई तो दोनों राज्य इस 600 मेगावाट क्षमता की परियोजना पर मिलकर काम आगे बढ़ाने पर सहमत हो गए। इस परियोजना से मिलने वाली 12 प्रतिशत फ्री पावर का दोनों राज्यों के बीच आधा-आधा बंटवारा होगा। इस परियोजना से जिन राज्यों को पानी मिलेगा, निर्माण की लागत में उनका हिस्सा तय किया जाएगा। साथ ही परियोजना को टीएचडीसी (टिहरी हाइड्रो डेवलेपमेंट कार्पोरेशन) को सौंपने पर भी सहमति हो गई है। 12 प्रतिशत फ्री पावर के अतिरिक्त बाकी 88 प्रतिशत पावर भी टीएचडीसी हिमाचल तथा उत्तराखंड को ही बेचेगी। इसके लिए रेट केंद्रीय विद्युत नियामक आयोग तय करेगा।
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राज्य को मिले तीन आई०ए०एस० अधिकारी

लाल बहादुर शास्त्री प्रशिक्षण अकादमी मसूरी में प्रशिक्षण के उपरांत शासन द्वारा तीन आई.ए.एस. अधिकारियों की तैनाती कर दी गई है। यह जानकारी देते हुए अपर सचिव कार्मिक चन्द्रशेखर भट्ट ने बताया कि आई.ए.एस. अधिकारी आशीष जोशी को संयुक्त मजिस्ट्रेट रूडकी, बृजेश कुमार संत को संयुक्त मजिस्ट्रेट रानीखेत और चन्द्रेश कुमार यादव को संयुक्त मजिस्टट पौडी गढवाल के पद पर तैनाती की गई है।
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निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण चुनावों के लिए प्रेक्षक तैनात : संयुक्त सचिव

राज्य निर्वाचन आयोग के संयुक्त सचिव जे.आर.लापड ने बताया है कि त्रिस्तरीय पंचायत सामान्य निर्वाचन-2008 के स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्वक सम्पन्न कराये जाने के लिए आयोग द्वारा राज्य के सभी जनपदों में प्रेक्षकों की तैनाती कर दी गई है। जनपद हरिद्वार को छोडकर शेष जनपदो में आदर्श आचरण संहिता लागू है, जिसके अन्तर्गत मंत्री परिषद के सदस्यों के द्वारा शासकीय वाहन सहित अन्य सरकारी सुविधाओं का प्रयोग नही किया जायेगा। प्रत्याशियों के प्रचार-प्रसार में निर्वाचन सामग्री में पॉलीथीन, पेंट एवं प्लास्टिक के प्रयोग पर पूर्णतया प्रतिबंध लगाया गया है
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Thursday, August 7, 2008

07 अगस्त - छह कालेजों में बीएड को एनसीटीई की स्वीकृति

प्रदेश के छह सरकारी डिग्री कालेजों के लिए एनसीटीई ने जांच के बाद बीएड पाठ्यक्रम शुरू करने की स्वीकृति दी है। वहीं, राजकीय पीजी कालेज उत्तरकाशी में एनसीटीई की जांच के दौरान लापरवाही बरतने पर शासन ने प्राचार्य का जवाबतलब किया है। साथ ही प्राचार्य को जांच के लिए जरूरी औपचारिकता पूरी करने के लिए एक पखवाड़े की मोहलत दी गई है। सरकारी डिग्री कालेजों में सेल्फ फाइनेंस बीएड खोलने की प्रदेश सरकार की प्राथमिकता के बावजूद कुछ कालेजों ने एनसीटीई की जांच के दौरान सतर्कता नहीं बरती। उत्तरकाशी, गैरसैंण व डाकपत्थर के ऐसे तीन कालेजों की जांच में एनसीटीई ने आपत्तियां लगा दी हैं। उक्त कालेजों की दोबारा जांच के लिए शासन ने एनसीटीई से पैरवी की है। साथ ही प्राचार्यो को तैयारी चाक-चौबंद करने के निर्देश दिए गए हैं। विशेषकर राजकीय पीजी कालेज उत्तरकाशी में जांच के दौरान एक ही कक्ष में तीन प्रयोगशाला, अपर्याप्त फर्नीचर के चलते एनसीटीई ने आपत्ति लगा दी है। इस आपत्ति की जानकारी मिलने पर शासन ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। उच्च शिक्षा प्रमुख सचिव विजेंद्र पाल के मुताबिक उक्त कालेज प्राचार्य डा. कर्नाटक का जवाबतलब किया गया है। जांच में लापरवाही बरतने की वजह से उनके खिलाफ प्रशासनिक कार्यवाही अमल में लाने पर विचार होगा। प्राचार्य से 15 दिन में जांच की औपचारिकता पूरी करने को कहा गया है। उन्होंने बताया कि ऋषिकेश, अगस्त्यमुनि, रुद्रपुर, गोपेश्र्वर, चमोली व लोहाघाट के कालेजों में बीएड पाठ्यक्रम को एनसीटीई की स्वीकृति मिल चुकी है। एनसीटीई की नार्दर्न रीजनल कमेटी (एनआरसी) की हफ्ताभर पहले हुई बैठक में उक्त निर्णय किया गया है।
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07 अगस्त - रोडवेज के अक्षम कर्मियों को दिया जाएगा पुनर्वास

परिवहन निगम में अक्षम कर्मचारियों को सेवानिवृति की खबर से घबराने की जरूरत नहीं है। ऐसे कर्मचारियों को सेवानिवृत न कर उन्हें पुनर्वास दिया जाएगा। रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद के आंदोलन नोटिस पर निगम प्रबंधन के साथ हुई वार्ता में इस पर सहमति बनी है। परिवहन निगम में अक्षम कर्मचारियों को सेवानिवृति व अनिवार्य सेवानिवृति के नोटिस मिलने से कर्मचारियों में भारी रोष था। रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद ने विभिन्न बिंदुओं को लेकर आंदोलन का नोटिस जारी किया था। इस नोटिस पर बुधवार को महाप्रबंधक श्रम कल्याण और मंडलीय प्रबंधक के साथ परिषद के प्रतिनिधिमंडल की वार्ता हुई। वार्ता के दौरान डिपो कार्यशाला में सुधार कार्य कर नई मशीनें सितंबर तक उपलब्ध कराए जाने पर सहमति बनी। अनुशासनिक प्रकरणों पर कर्मचारियों को राहत देने की मांग को मुख्यालय से अवगत कराया जाएगा। कार्यशाला में कर्मचारियों की नियुक्ति और मृतक आश्रितों की नियुक्ति के लिए कार्ययोजना बनाई जा रही है। वार्ता के बाद परिषद ने आंदोलन स्थगित किया। वार्ता में महाप्रबंधक (श्रम कल्याण) इंद्रलाल, मंडलीय प्रबंधक (संचालन) मुकेश सिंह, मंडलीय प्रबंधक (तकनीकी) अनूप रावत, परिषद के क्षेत्रीय अध्यक्ष दिनेश पंत, क्षेत्रीय मंत्री राजेश नंदा, प्रांतीय उपाध्यक्ष दिनेश गोसाई, प्रांतीय संयुक्त मंत्री रामचंद्र रतूडी व अनुराग नौटियाल आदि शामिल थे।

सीधे सरकारी नियुक्ति का धिकार किसी को नही : मु०मं०

जन सामान्य की समस्याओं एवं शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिये राज्य मुख्यालय में ’’जनता मिलन‘‘ कार्यक्रम के अन्तर्गत प्रभावी व्यवस्था की गयी है। जिला एवं ब्लाक स्तर पर भी ’’जनता मिलन‘‘ कार्यक्रम नियमित एवं निर्धारित कार्यक्रमानुसार आयोजित किये जाते हैं। जिन समस्याओं के निस्तारण के लिये किसी जांच की आवश्यकता नहीं होती उनका मौके पर ही त्वरित निस्तारण कर दिया जाता है और आवश्यकता होने पर जांच के लिये भी त्वरित कार्रवाई की जाती है। जनसाधारण से भी अपेक्षा की जाती है कि वे व्यक्तिगत समस्याओं के साथ ही सामूहिक समस्याओं को प्राथमिकता दें ताकि अधिकाधिक जन समूह लाभान्वित हो सके। मुख्यमंत्री मेजर जनरल (से.नि.) भुवन चन्द्र खण्डूडी ने यह बातें सचिवालय में आयोजित ’’जनता मिलन‘‘ कार्यक्रम के अन्तर्गत जनता की समस्यायें एवं शिकायतें सुनते हुये कहीं। कार्यक्रम में लगभग 200 व्यक्तियों ने अपनी व्यक्तिगत एवं सामूहिक समस्यायें मुख्यमंत्री के सम्मुख रखी।

Wednesday, August 6, 2008

06 अगस्त - पर्यटन विकास के लिए चुने जाएंगे 26 गांव

उत्तराखंड में अब ग्रामीण पर्यटन की परिकल्पना साकार होने की संभावना दिख रही है। सूबे के प्रत्येक जिले में दो गांवों को चुनकर वहां आधारभूत सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। एक गांव पर अनुमानत: 70 लाख से अधिक रुपये खर्च किए जाएंगे। मुख्यमंत्री के पर्यटन सलाहकार प्रकाश सुमन ध्यानी के अनुसार चालू वित्तीय वर्ष में उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद इन गांवों का चयन करेगी। इसके लिए जिलाधिकारी के स्तर पर समितियों का गठन किया जा चुका है। इन पर पंचायत चुनाव के बाद अमल किया जाएगा। इस योजना के तहत पर्यटन गांव की परिकल्पना को साकार किया जाएगा। एक तरफ गांवों में पूरे साल पर्यटन गतिविधियां संचालित करने का प्रयास किया जाएगा। दूसरी तरफ सिर्फ यात्रा रूट पर चलने वाले पर्यटन को अंदर के गांवों तक पहुंचाने का प्रयास इस योजना में किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि हर गांव के लिए निर्धारित राशि में से 50 लाख के करीब हार्डवेयर पर खर्च किया जाएगा। इसके तहत गांव की सड़कें, पुल, सामुदायिक भवन, प्रकाश व्यवस्था सीवेज सिस्टम और सालिड स्टेट मैनेजमेंट समेत इंफ्रास्ट्रेक्चर डेवलपमेंट को शामिल किया गया है। दूसरा हिस्सा साफ्टवेयर कहलाएगा। इसे स्वयं सेवी संगठनों तथा सेल्फ हेल्प गु्रपों के सहयोग से पूरा किया जाएगा। इसमें इन संस्थाओं द्वारा गांव में जागरूकता के लिए प्रशिक्षण, स्वास्थ्य की जानकारी, सेमिनारों का आयोजन आदि शामिल है। पर्यटन विकास के लिए संचालित की जा रही वीर चंद्र सिंह गढ़वाली योजना में इन पर्यटन ग्रामों के युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।
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श्रीनगर मेडिकल कालेज में शैक्षणिक गतिविधियां 15 अगस्त को प्रारम्भ !

उत्तराखण्ड के पहले सरकारी मेडिकल कालेज वीर चन्द्र सिंह गढवाली राजकीय आयुर्विज्ञान शोध संस्थान श्रीनगर (गढवाल) में 15 अगस्त, 2008 से शिक्षण कार्य शुरू हो रहा है। मुख्यमंत्री मेजर जनरल (से.नि.) भुवन चन्द्र खण्डूडी के अथक प्रयासों से स्थापित इस मेडिकल कालेज में पूरे विश्व में सबसे कम शुल्क लिया जा रहा है।
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Tuesday, August 5, 2008

05 अगस्त - पंचायत चुनाव के लिए नामांकन आज से

प्रदेश के 12 जिलों में होने वाले पंचायत चुनाव के लिए आज से नामंकन प्रक्रिया प्रारंभ हो जाएगी। चुनाव के लिए सभी दलों ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। राजनीतिक दलों के बीच मुख्य मुकाबला जिला परिषदों को लेकर है। कांग्रेस व भाजपा जिला परिषदों पर जीत को लेकर खासी गंभीर हैं। दस जिलों में भाजपा ने जिला परिषद सदस्यों के लिए जहां 267 प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी है, वहीं कांग्रेस ने आठ जिलों में 243 प्रत्याशियों के नाम घोषित किए हैं।

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05 अगस्त - नियम तोड़ने वाले वाहनों के परमिट होंगे निरस्त

उत्तराखंड में यातायात नियम तोड़ने वाले दूसरे राज्यों के वाहनों पर सख्त एक्शन लिया जा रहा है। शासन ने उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब के अफसरों से बात करके ऐसे वाहनों का परमिट निरस्त करने की संस्तुति की है। माना जा रहा है कि हरिद्वार में अगले साल होने वाले कांवड़ मेले के दौरान इस एक्शन का असर साफ दिखेगा। हरिद्वार में कांवड़ मेले हेमकुंड साहिब समेत अन्य तीर्थ स्थलों को जाने वाले वाहनों के लिए नियम तय कर दिए जाते हैं। देखने में आया है कि इन नियमों को तोड़ने में दूसरे राज्यों से आने वाले वाहन सबसे आगे रहते हैं। इस बार हरिद्वार में संपन्न कांवड़ मेले के दौरान भी यही देखने में आया। शुरुआती दौर में तो प्रशासन ने सख्ती बरती पर श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ता देख नया रास्ता अपनाया गया। मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव और गढ़वाल के आयुक्त सुभाष कुमार ने बताया कि नियम तोड़ने वाले बाहरी वाहनों का चालान किया गया है। अब इनका ब्योरा संबंधित राज्यों को भेजा जा रहा है। उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा के अफसरों से उनकी बातचीत हो चुकी है। उन्हीं के कहने पर उत्तराखंड की ओर से नियमों के उल्लघंन पर परमिट निरस्त करने की संस्तुति की जा रही है। श्री कुमार ने कहा कि इस सख्त कार्रवाई का असर आने वाले समय में दिखाई देगा। उन्होंने उम्मीद जाहिर की है कि अन्य राज्यों से इस बारे में पूरा सहयोग मिलेगा।
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विज्ञान एवं तकनीकी कांग्रेस 10 से 11 नवम्बर को आई०आई०टी० रुड़की में

प्रदेश के युवा वैज्ञानिकों, प्रौद्योगिकीविदों एवं अन्वेशकों द्वारा विज्ञान के क्षेत्र में किये जा रहे उल्लेखनीय कार्यों के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इन प्रतिभाओं को सम्मानित करने के लिए प्रति वर्ष विज्ञान कांग्रेस का आयोजन किया जाता हैं। इसके लिए सभी शोध संस्थानों, महाविद्यालयों, विद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों के छात्र-छात्राओं एवं युवा वैज्ञानिकों से शोध पत्र आंमत्रित किये जाते हैं। इस वर्ष यह विज्ञान कांग्रेस 10 से 11 नवम्बर, 2008 को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, रूडकी में आयोजित की जायेगी। यह जानकारी देते हुए प्रदेश के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा जैव प्रौद्योगिकी मंत्री डा0 रमेष पोखरियाल ’निशंक‘ ने बताया कि उत्तराखण्ड राज्य शोध के मामलों में देश को दिशा प्रदान करता है। इस राज्य ने देश व विदेशों को अनेक वैज्ञानिक प्रतिभाएं दी है। राज्य में विज्ञान को और रूचिकर बनाने और इसके प्रति लोगों में जागरूकता उत्पन्न करने के लिए तृतीय उत्तराखण्ड विज्ञान एवं तकनीकी कांग्रेस आगामी 10 से 11 नवम्बर, 2008 को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, रूडकी में आयोजित की जायेगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश के वैज्ञानिकों, में इस कांग्रेस को लेकर काफी उत्साह है। इस विज्ञान कांग्रेस के माध्यम से प्रदेश में छिपी वैज्ञानिक प्रतिभाओं को निखारने व आकंलन करने हेतु सभी कालेजो, विश्वविद्यालयों व संस्थानों से शोध पत्र आमंत्रित किये गये है।

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Monday, August 4, 2008

04 अगस्त - सरकार ने 12 हजार मेगावाट की परियोजनाओं का किया आवंटन

जल संसाधनों के अधिकतम दोहन की नीति पर काम करते हुए सरकार ने निजी तथा सरकारी स्वामित्व वाली कंपनियों को 12114 मेगावाट क्षमता की परियोजनाएं आवंटित की हैं। इनसे उत्पादन शुरू होने के बाद उत्तराखंड वास्तव में ऊर्जा प्रदेश बन पाएगा। विभागीय आंकड़ों के अनुसार एनटीपीसी को उत्तरकाशी, चमोली तथा पिथौरागढ़ जिलों में 1551 मेगावाट क्षमता की कुल चार परियोजनाएं आवंटित की गई हैं। टीएचडीसी को 2539 मेगावाट क्षमता की नौ, एनएचपीसी को 2310 मेगावाट की आठ, सतलुज जल विद्युत निगम को 368 मेगावाट की तीन जल विद्युत परियोजनाएं आवंटित की गई हैं। उत्तराखंड जल विद्युत निगम के पास 2956 मेगावाट की 37 परियोजनाएं हैं। निजी डेवलपर्स को 2026 मेगावाट क्षमता की 45 परियोजनाएं आवंटित की गई हैं। इसके साथ ही 84 लघु एवं सूक्ष्म परियोजनाएं उरेडा, जल विद्युत निगम और यूआईपीसी को आवंटित की गई हैं। इनकी कुल क्षमता 543.5 मेगावाट है। इस तरह कुल 12114 मेगावाट क्षमता की परियोजनाएं अब तक आवंटित की जा चुकी हैं। जब ये परियोजनाएं धरातल पर उतरेंगी तो उत्तराखंड वास्तव में एक ऊर्जा प्रदेश कहलाने की स्थिति में होगा। इतना ही नहीं। 5702 मेगावाट क्षमता की 38 परियोजनाएं आवंटन के लिए तैयार हैं। ये सभी सरकारी नियंत्रण वाले निगमों को आवंटित की जानी हैं। जबकि 2180 मेगावाट क्षमता की 24 परियोजनाएं अभी आवंटन की प्रतीक्षा में हैं। ऊर्जा विभाग से इन परियोजनाओं को जल्दी आवंटित करने के निर्देश हो चुके हैं। इस तरह 7882 मेगावाट क्षमता की परियोजनाएं भी जल्दी ही आवंटित हो जाएंगी और इन पर काम शुरू हो जाएगा। राज्य अब तक तीन हजार मेगावाट क्षमता का विकास कर चुका है।
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04 अगस्त - मेधावी छात्र-छात्राओं को किया सम्मानित

दून सिख वेलफेयर सोसाइटी ने रविवार को उत्तराखंड बोर्ड की परीक्षाओं में अच्छे अंक पाने वाले छात्र-छात्राओं को एक समारोह में सम्मानित किया। रविवार को रेसकोर्स स्थित गरु नानक गर्ल्स इंटर कॉलेज में आयोजित सम्मान समारोह में अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य अमरजीत सिंह आनंद ने बतौर मुख्य अतिथि छात्रों से कहा कि कड़ी मेहनत व लगन से ही सफलता पाई जा सकती है।
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Sunday, August 3, 2008

कांवड मेले में तैनात पुलिस को 2 लाख का इनाम घोषित

इस वर्ष 70 लाख से अधिक कांवडए उत्तराखण्ड में कांवड मेले मे आये। कांवड मेले की सूचारू व्यवस्था एवं सफल आयोजन पर मुख्यमंत्री मेजर जनरल (से.नि.) भुवन चन्द्र खण्डूडी ने वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी, कर्मचारियों तथा अन्य संगठनों को साधुवाद दिया। मुख्यमंत्री ने देश के विभिन्न हिस्सों में घटित आतंकवादी घटनाओं के दृष्टिगत श्रावण मास में आयोजित कांवड मेले को सफलता पूर्वक सम्पन्न कराने पर प्रसन्नता व्यक्त की है। उन्होंने इस बात पर भी संतोष व्यक्त किया कि मेले में शांति एवं कानून व्यवस्था दुरूस्त रही और पिछले वर्षो के अनुभवों के आधार पर असामाजिक तत्वों को रोकने के लिए पुलिस द्वारा प्रभावी पहल की गई। कांवड मेले को एक ऐतिहासिक मेला बताते हुए उन्होनें कहा कि पुलिस एवं प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्थाए उच्च कोटि की रही हैं और इस मेले के अनुभव को देखते हुए प्रदेश सरकार वर्ष 2010 में हरिद्वार में आयोजित होने वाले कुंभ मेले में और अधिक कारगर ढंग से कार्य करेगी। उन्होंने कहा कि आतंक के साये में कांवड मेले को सकुशल सम्पन्न कराकर अधिकारियों ने अपनी क्षमता का बेहतर प्रदर्शन किया। इसके लिए उन्होंने प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों को बधाई दी है।
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सी०पी०आई०एम० नेता सुरजीत के निधन पर मु०मं० द्वारा शोक व्यक्त

मुख्यमंत्री मेजर जनरल (से.नि.) भुवन चन्द्र खण्डूडी ने सी.पी.आई.एम. के वरिष्ठ नेता हरकिशन सिंह सुरजीत के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की है। अपने शोक संदेश में मुख्यमंत्री मेजर जनरल खण्डूडी ने उन्हें एक राष्ट्रीय नेता बताते हुए कहा कि वे एक सरल स्वभाव एवं मिलनसार व्यक्तित्व के धनी थे। उन्होंने कहा कि उनके निधन से देश ने अपना एक महत्वपूर्ण नेता खो दिया है।
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02 अगस्त – 15 लाख रसोई गैस के नए कनेक्शन जारी करने के निर्देश

आम चुनाव नजदीक हो और देश की गृहणियों को रसोई गैस समय पर नहीं मिले तो समझ लीजिए कि सत्तारूढ़ पार्टी के लिए आसार अच्छे नहीं है। लगता है यूपीए सरकार को यह बात अच्छी तरह समझ में आ गई है तभी तो उसने देश में रसोई गैस की किल्लत को काफी गंभीरता से लिया है। शुक्रवार को पेट्रोलियम मंत्रालय में सचिव का कार्यभार संभालने के कुछ ही घंटे बाद आरएस.पांडे ने तेल कंपनियों की जब बैठक बुलाई तो उन्हें रसोई गैस के इंतजाम पर सबसे ज्यादा ध्यान देने का निर्देश दिया। रसोई गैस कनेक्शन की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए तेल कंपनियों को 15 लाख नए गैस सिलेंडर खरीदने का भी निर्देश दिया गया है। सूत्रों के मुताबिक तेल कंपनियों को इस बात के लिए झाड़ लगाई गई है कि उन्होंने किस तरह रसोई गैस के नए कनेक्शन देने बंद कर दिए। बताते चलें कि देश की सबसे बड़ी तेल रिफाइनरी व मार्केटिंग कंपनी इंडियन ऑयल कार्पोरेशन (आईओसी) ने नकदी की कमी का हवाला देते हुए नए गैस कनेक्शन देने बंद कर दिये हैं। भारत पेट्रोलियम (बीपीसीएल) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (एचपीसीएल) से भी ग्राहकों को नए कनेक्शन नहीं मिल रहे हैं। इन तेल कंपनियों का कहना है कि उनके पास नए सिलेंडर खरीदने के लिए पैसे नहीं हैं। आज की बैठक में आईओसी को दस लाख नए सिलेंडर खरीदने को कहा गया है। बीपीसीएल भी पांच लाख नए गैस सिलेंडर खरीदेगी। कंपनियों से यह पूछा गया कि जब वे नए ग्राहकों से सिलेंडर की लागत की पूरी फीस वसूल लेते हैं तो फिर वे पैसा नहीं होने की बात किस आधार पर करते हैं। बताते चलें कि तेल कंपनियों ने दो महीने पहले ही नए कनेक्शन की फीस भी बढ़ा दी है। इसके बावजूद वे नए गैस कनेक्शन नहीं दे रही हैं। कंपनियों के गैस कनेक्शन नहीं देने के चलते इसकी प्रतीक्षा सूची बढ़ती जा रही है।
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02 अगस्त - सुपर स्पेशलिस्ट नहीं लेंगे सामूहिक अवकाश

दून अस्पताल के सुपर स्पेशलिस्ट चार अगस्त से सामूहिक अवकाश नहीं लेंगे। आचार संहिता लागू होने के कारण यह निर्णय लिया है। सुपर स्पेशलिस्टों ने अगले सप्ताह सामूहिक अवकाश पर जाने की सूचना मुख्य चिकित्साधीक्षक को दी थी। आचार संहिता लागू होने पर पांचों सुपर स्पेशलिस्ट डा. विक्रम सिंह, डा. पंकज अरोड़ा, डा. मोहित गोयल, डा. विक्रांत पाठक, डा. नवीन आहूजा ने बैठक कर आचार संहिता समाप्त होने तक निर्णय स्थगित कर दिया है।