Saturday, August 3, 2013

उफनाती मंदाकिनी में बहे एसडीएम

देहरादून। राहत कार्यो के सिलसिले में केदारनाथ गए अल्मोड़ा के एसडीएम अजय अरोड़ा मंदाकिनी के तेज बहाव में बह गए। वे बुधवार अपराह्न सवा तीन बजे केदारनाथ मंदिर से बेस कैंप लौट रहे थे। रास्ते में मंदाकिनी पर बना अस्थाई पुल पार करते वक्त पैर फिसलने से वे नदी में जा गिरे। देर शाम तक उनका कुछ पता नहीं चल पाया है। जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग दिलीप जावलकर ने बताया कि केदारनाथ में जायजा लेकर एसडीएम वापस गरुड़चट्टी बेस कैंप लौट रहे थे। जवानों की मदद से उन्हें ढूंढने का प्रयास किया जा रहा है। मंगलवार की रात हुई मूसलाधार बारिश ने दो परिवारों के तीन बच्चों समेत आठ लोगों की जान ले ली।
बागेश्वर की कपकोट तहसील में बादल फटने से आए उफान में बहने से चार लोगों मौत हो गई। खाईबगड गांव में भारी नुकसान हुआ। यहां दो मकान बह गए। इनमें से एक मकान में परिवार के ये चारों सदस्य सो रहे थे। उनका कोई पता नहीं लग पाया। रात लगभग 12 बजे सल्ट विकास खंड मुख्यालय में भी बादल फटने से एक गांव में दो बरसाती नाले ऊंची पहाड़ी बहाकर ले आए। यहां पांच मकान जमींदोज हो गए, छह लोग घायल हुए हैं। देहरादून में कच्चे मकाने के मलबे में दबने से चार की मौत हो गई और तीन गंभीर रूप से घायल हो गए। चमोली के नारायणबगड़ और घाट ब्लाक में तीन पैदल पुल और पैदल मार्ग बह गए। उत्तरकाशी में भी बारिश से कई गांवों में भारी नुकसान हुआ है। पांच मकान जमींदोज हो गए, जबकि दो दर्जन से ज्यादा आवासीय भवनों में पानी और मलबा घुस गया। केदारनाथ में बारिश तो नहीं हुई, लेकिन खराब मौसम के कारण राहत एवं मंदिर परिसर में सफाई कार्य दोपहर बाद शुरू हुआ। गुप्तकाशी से सेना के हेलीकाप्टर के जरिये केदारनाथ में मलबा और बोल्डर हटाने के लिए कुछ भारी उपकरण भी पहुंचाए गए। 

जागरण

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