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Wednesday, July 1, 2015

अब शिक्षक बनने को देनी होगी और कड़ी परीक्षा

 अमर उजाला, देहरादून 1.7.2015

उत्तराखंड आयुर्वेद विवि में शिक्षकों की नई चयन प्रक्रिया लागू कर दी गई है। यह प्रक्रिया न केवल पारदर्शी होगी, बल्कि सिफारिशों से भी प्रभावित होने की संभावनाएं खत्म हो गई हैं।

विवि में नियुक्त होने वाले सभी शिक्षकों को अब लिखित परीक्षा और साक्षात्कार से गुजरना होगा। यह प्रक्रिया लागू करने वाला आयुर्वेद विवि प्रदेश का पहला विवि बन गया है। इलाहाबाद विवि सहित देश के कुछ ही विवि में शिक्षकों के चयन के लिए यह प्रक्रिया अपनाई जाती है।

उत्तराखंड आयुर्वेद विवि के कुलसचिव मृत्युंजय कुमार मिश्रा ने बताया कि शिक्षकों की भर्ती का 22 दिसंबर 2014 का नोटिफिकेशन संशोधित करते हुए अब नया नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। इसके तहत आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर या असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों पर भर्ती के लिए अब 100 अंकों की लिखित परीक्षा होगी। इसमें 50 वस्तुनिष्ठ प्रश्न होंगे और 50 प्रश्न एमडी और एमएस के सभी 14 विभागों के पूरे पाठ्यक्रम से सवाल पूछे जाएंगे।

शिक्षक बनने के लिए अब अभ्यर्थी को न केवल ज्ञान की गहराई के स्तर पर खरा उतरना पड़ेगा, बल्कि साक्षात्कार में एकेडमिक रिकॉर्ड का भी चयन का पैमाना बनेगा। सही जवाब पर एक अंक दिया जाएगा, जबकि गलत जवाब पर एक चौथाई अंक काट लिया जाएगा।

90 मिनट की यह परीक्षा 19 जुलाई को एसजीआरआर रेसकोर्स में होगी। खास बात यह है कि संस्कृत के अभ्यर्थियों को भी स्क्रीनिंग टेस्ट से गुजरना होगा, जिनसे संस्कृत से जुड़े 100 प्रश्न पूछे जाएंगे। 100 अंकों की लिखित परीक्षा के बाद 10 अंकों का अकादमिक रिकॉर्ड और 10 अंकों का साक्षात्कार होगा।

विवि कुलसचिव मृत्युंजय कुमार मिश्रा के मुताबिक इस तरह से नियुक्ति होने से पूर्ण पारदर्शिता रहेगी। साथ ही साक्षात्कार से पहले सभी अभ्यर्थियों को इस बात का शपथ पत्र देना होगा कि उन्होंने चयन प्रक्रिया के लिए किसी भी अनैतिक तरीके का इस्तेमाल नहीं किया है।

यहां करें आवेदन : www.uau.ac.in
यहां से लें जानकारी : info@uau.ac.in