खराब मौसम के कारण केदारनाथ यात्रा का पैदल मार्ग गौरीकुंड से जंगलचट्टी के बीच बेहद संवेदनशील हो गया है। जंगलचट्टी पड़ाव से कुछ पीछे पहाड़ी से लगातार पत्थर गिर रहे हैं। सुरक्षा की दृष्टि से जीएमवीएन के कर्मियों और अन्य लोगों को रात में सुरक्षित स्थान भीमबली भेजा जा रहा है।
सोमवार को आसमान में सुबह से ही घने बादल छाए रहे। केदारनाथ से लेकर गौरीकुंड के बीच कोहरा छाया रहा। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की टीम ने पैदल रास्ते पर चीरबासा में भूस्खलन से एकत्र हुए मलबे को साफ कर चलने लायक बनाया, लेकिन जंगलचट्टी में प्रभावित क्षेत्र में पहाड़ी से रुक-रुककर पत्थर गिरने का सिलसिला बना हुआ है। डीएम की ओर से सभी को सुरक्षा की दृष्टि से रात्रि में भीमबली पड़ाव पर जाने को कहा गया।
बताया जा रहा है कि पहाड़ी पर स्थित चट्टान का एक बड़ा हिस्सा ढहने के कगार पर है, जिससे छोटे-छोटे पत्थर छिटकर गिर रहे हैं। गौरीकुंड सेक्टर मजिस्ट्रेट और जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी आशीष सेमवाल ने बताया कि गौरीकुंड से केदारनाथ तक दोतरफा आवाजाही पूरी तरह से ठप रही।
सोमवार को आसमान में सुबह से ही घने बादल छाए रहे। केदारनाथ से लेकर गौरीकुंड के बीच कोहरा छाया रहा। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की टीम ने पैदल रास्ते पर चीरबासा में भूस्खलन से एकत्र हुए मलबे को साफ कर चलने लायक बनाया, लेकिन जंगलचट्टी में प्रभावित क्षेत्र में पहाड़ी से रुक-रुककर पत्थर गिरने का सिलसिला बना हुआ है। डीएम की ओर से सभी को सुरक्षा की दृष्टि से रात्रि में भीमबली पड़ाव पर जाने को कहा गया।
बताया जा रहा है कि पहाड़ी पर स्थित चट्टान का एक बड़ा हिस्सा ढहने के कगार पर है, जिससे छोटे-छोटे पत्थर छिटकर गिर रहे हैं। गौरीकुंड सेक्टर मजिस्ट्रेट और जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी आशीष सेमवाल ने बताया कि गौरीकुंड से केदारनाथ तक दोतरफा आवाजाही पूरी तरह से ठप रही।
Amar ujala
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