उत्तराखंड वन विभाग और वन्यजीव विशेषज्ञों को जिंदा दुर्लभ लाल मूंगा
खुखरी सांप नैनीताल के तराई पूर्वी वन प्रभाग में मिला है। विभाग ने इसको
एक विशेष शीशे के कक्ष में रखकर अध्ययन शुरू कर दिया है।
देश में
1936 में लाल मूंगा खुखरी सांप रिपोर्ट हुआ था। इसके बाद इस सांप के बारे
में कोई जानकारी नहीं मिली। 2014 में जंगलात के सहयोग से वन्यजीव विशेषज्ञ
विपुल मौर्य और सर्प विशेषज्ञ जे. सिंह ने इस प्रजाति के मरे सांप को
नैनीताल जिले के तराई पूर्वी वन प्रभाग के सुरई रेंज में तलाश किया था।
इसके बाद से पूरे इलाके में खोजबीन चल रही थी। विपुल मौर्य बताते हैं कि इसी इलाके में यह लाल मूंगा खुखरी सांप जिंदा मिला है।
दुर्लभ प्रजाति का होने के चलते वन्यजीव विशेषज्ञों में लाल मूंगा
खुखरी सांप को लेकर उत्साह है। उसको एक शीशे के विशेष कक्ष में रखा गया है,
जहां पर इसके मूवमेंट पैटर्न, व्यवहार आदि का अध्ययन किया जा रहा है।
डीएफओ
डॉ. पराग मधुकर धकाते ने बताया कि इसके अलावा इस सांप का जीन बैंक भी
तैयार करने की योजना है, जिससे भविष्य में इसके बारे में और जानकारी जुटाई
जा सके।
जहां पर सांप मिला है, वहां पर भी टीम भेजकर फोटोग्राफ, उसकी जीपीएस लोकेशन, आसपास की वनस्पति का ब्योरा एकत्र किया जा रहा है।
Amar Ujla
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