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Wednesday, August 6, 2008

06 अगस्त - पर्यटन विकास के लिए चुने जाएंगे 26 गांव

उत्तराखंड में अब ग्रामीण पर्यटन की परिकल्पना साकार होने की संभावना दिख रही है। सूबे के प्रत्येक जिले में दो गांवों को चुनकर वहां आधारभूत सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। एक गांव पर अनुमानत: 70 लाख से अधिक रुपये खर्च किए जाएंगे। मुख्यमंत्री के पर्यटन सलाहकार प्रकाश सुमन ध्यानी के अनुसार चालू वित्तीय वर्ष में उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद इन गांवों का चयन करेगी। इसके लिए जिलाधिकारी के स्तर पर समितियों का गठन किया जा चुका है। इन पर पंचायत चुनाव के बाद अमल किया जाएगा। इस योजना के तहत पर्यटन गांव की परिकल्पना को साकार किया जाएगा। एक तरफ गांवों में पूरे साल पर्यटन गतिविधियां संचालित करने का प्रयास किया जाएगा। दूसरी तरफ सिर्फ यात्रा रूट पर चलने वाले पर्यटन को अंदर के गांवों तक पहुंचाने का प्रयास इस योजना में किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि हर गांव के लिए निर्धारित राशि में से 50 लाख के करीब हार्डवेयर पर खर्च किया जाएगा। इसके तहत गांव की सड़कें, पुल, सामुदायिक भवन, प्रकाश व्यवस्था सीवेज सिस्टम और सालिड स्टेट मैनेजमेंट समेत इंफ्रास्ट्रेक्चर डेवलपमेंट को शामिल किया गया है। दूसरा हिस्सा साफ्टवेयर कहलाएगा। इसे स्वयं सेवी संगठनों तथा सेल्फ हेल्प गु्रपों के सहयोग से पूरा किया जाएगा। इसमें इन संस्थाओं द्वारा गांव में जागरूकता के लिए प्रशिक्षण, स्वास्थ्य की जानकारी, सेमिनारों का आयोजन आदि शामिल है। पर्यटन विकास के लिए संचालित की जा रही वीर चंद्र सिंह गढ़वाली योजना में इन पर्यटन ग्रामों के युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।
Source: www.uttaraportal.com