पौड़ी
उत्तराखंड के पौड़ी स्थित एक गांव में रामलीला के आयोजन के बाद 89 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। सभी कोविड-19 पॉजिटिव मरीजों को गांव में ही आइसोलेट किया गया है। सभी स्वास्थ्य विभाग की निगरानी में हैं। गांव में एक साथ इतने कोरोना मरीजों के मिलने से हड़कंप मचा हुआ है।
बता दें कि पौड़ी के पोखरा विकासखंड के सिलेथ गांव में 24 नवंबर से लेकर एक दिसंबर तक रामलीला का मंचन हुआ था। 7 दिसंबर को स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव के कुछ लोगों के अस्वस्थ्य होने की जानकारी पर यहां पहुंची। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 86 लोगों के सैंपल लिए।
इनमें से 79 की जांच रिपोर्ट प्राप्त हुई। इसमें 39 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए। 39 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद गांव में स्वास्थ्य विभाग की चार टीमें भेजी गईं। इनमें से दो टीमें को कोरोना के सैंपल लेने के लिए लगाया गया, वहीं दो टीमों को मरीजों के उपचार के लिए।
पिछले शुक्रवार को गांव में 185 और ग्रामीणों की कोरोना जांच की गई। इनमें से सोमवार को 50 में संक्रमण की पुष्टि हुई है। पौड़ी जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी मनोज शर्मा ने बताया कि गांव में पर्याप्त चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध करवाई जा रही है।
कोरोना को लेकर लोग लापरवाह बने हुए हैं। यही कारण है कि राजनीतिक, सामाजिक, धार्मिक, व्यापारी संगठनों के कार्यक्रमों समेत शादी समारोहों में भी शारीरिक दूरी, मास्क का प्रयोग, हाथों को सैनिटाइजर से साफ करना जैसी सावधानियां शायद लोग भूल ही गए हैं। ऐसे में सुरक्षित माने जाने वाले पहाड़ी गांवों में भी कोरोना पसरने लगा है।
Navbharat Times News
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Wednesday, December 16, 2020
पौड़ी में रामलीला के आयोजन के बाद 89 कोरोना संक्रमित, गांव में मचा हड़कंप
Saturday, October 11, 2008
आनलाइन मानीटरिंग को तैयार उत्तराखंड
उत्तराखंड में राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना की सूबे व देश की राजधानी से आनलाइन मानीटरिंग की तैयारी पूरी हो चुकी है । सूबे के सभी जिलों के विशेष साफ्टवेयर के तहत राष्ट्रीय नेटर्वक से जुड जाने के बाद अब योजना के बारे में दिल्ली तक कंम्यूटर पर ताजी स्थिती देखी जा सकती है और वीडियों कांफ्रेसिंग के जरिए सीधे जिलों से पूछताछ की जा सकती है । केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने इस योजना के लिए सभी जिलों में ‘मैनेजमेंट इफार्मेशन सिस्टम’ बनाने और योजना से संबंधित सभी तरह की सूचनाएं इसके लिए बनाए गए विशेष ‘एमसीआरडी साफ्टवेयर ‘ में फीड करने के निर्देश दिए गए थे । राष्ट्रीय नेटर्वक से जुड कर उत्तराखंड रोजगार गारंटी योजना की आनलाइअन मानीटरिंग वाले देश के 10 राज्यों में शामिल हो गया है । आनलाइन मानीटरिंग सबसे पहले कर्नाटक मे हुई थी । योजगार गारंटी योजना को पारदर्शी बनाने के लिए राष्ट्रीय नेटर्वक की इस व्यवस्था में रोजगार पाने वाले श्रमिकों के मस्टर रोल के इलेक्ट्रानिक रिकार्ड रखने वाले व मजदूरी का भुगतान बैक खाते के जरिए करने का प्रावधान किया गया है । योजना को पारदर्शी व बहु उपयोगी बनाने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर अनुश्रवण समिती के अलावा राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर भी रोजगार गारंटी परिषद का गठन हुआ है । इससे भी आगे बढ़्कर आम आदमी के लिए जिले मे टोल –फ्री नंबर उपलब्ध कराने कि योजना अगले ह्फते से सूबे के सबी जिलों मे लागू हो जाएगी ।
Soruce: www.utttaraportal.com
Wednesday, August 6, 2008
06 अगस्त - पर्यटन विकास के लिए चुने जाएंगे 26 गांव
उत्तराखंड में अब ग्रामीण पर्यटन की परिकल्पना साकार होने की संभावना दिख रही है। सूबे के प्रत्येक जिले में दो गांवों को चुनकर वहां आधारभूत सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। एक गांव पर अनुमानत: 70 लाख से अधिक रुपये खर्च किए जाएंगे। मुख्यमंत्री के पर्यटन सलाहकार प्रकाश सुमन ध्यानी के अनुसार चालू वित्तीय वर्ष में उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद इन गांवों का चयन करेगी। इसके लिए जिलाधिकारी के स्तर पर समितियों का गठन किया जा चुका है। इन पर पंचायत चुनाव के बाद अमल किया जाएगा। इस योजना के तहत पर्यटन गांव की परिकल्पना को साकार किया जाएगा। एक तरफ गांवों में पूरे साल पर्यटन गतिविधियां संचालित करने का प्रयास किया जाएगा। दूसरी तरफ सिर्फ यात्रा रूट पर चलने वाले पर्यटन को अंदर के गांवों तक पहुंचाने का प्रयास इस योजना में किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि हर गांव के लिए निर्धारित राशि में से 50 लाख के करीब हार्डवेयर पर खर्च किया जाएगा। इसके तहत गांव की सड़कें, पुल, सामुदायिक भवन, प्रकाश व्यवस्था सीवेज सिस्टम और सालिड स्टेट मैनेजमेंट समेत इंफ्रास्ट्रेक्चर डेवलपमेंट को शामिल किया गया है। दूसरा हिस्सा साफ्टवेयर कहलाएगा। इसे स्वयं सेवी संगठनों तथा सेल्फ हेल्प गु्रपों के सहयोग से पूरा किया जाएगा। इसमें इन संस्थाओं द्वारा गांव में जागरूकता के लिए प्रशिक्षण, स्वास्थ्य की जानकारी, सेमिनारों का आयोजन आदि शामिल है। पर्यटन विकास के लिए संचालित की जा रही वीर चंद्र सिंह गढ़वाली योजना में इन पर्यटन ग्रामों के युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।
Source: www.uttaraportal.com
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